Posts

विश्व साहित्य संस्थान , क्रमांक :- 9

Image
विश्व साहित्य संस्थान , क्रमांक :- 9  প্রণাম:-🙏 বিশ্বসাহিত্য সংস্থা তারিখ :-27/07/2020 শিরোনাম :-করোনা মহামারী                                ✍️উজ্জল পন্ডিত।  এতদিন আগে শুধু শুনে এসেছি আর বইয়ে পড়েছিলাম। মহামারী কি জিনিস তার বিষয়ে যেমন কলেরা প্লেগ যেসব মহামারী আমাদের বাংলায় যা  ঘটেছে। আজ আবার বিশ্বে নতুন এক মহামারী সৃষ্টি হয়েছে। আর মহামারী মানেই তো মানুষের প্রাণ যাবে শোকে দুঃখে রোগে খিদের জ্বালায় তৃষ্ণায় প্রাণ হারাবে মহামারীতে। এর সৃষ্টি হয়েছে চিনে তে। চীনের নাম দিয়েছে করোনা ভাইরাস ? যখন প্লেগ মহামারী ঘটেছিল তখন শুনেছিলাম। ওই রোগের কেউ আক্রান্ত হলে  14দিন ঘরের মধ্যে বন্দি করে রাখা হতো।  ঠিক তেমনই এই করোনাভাইরাস কোন রোগীর সংস্পর্শে আসেলে  তাকে 14 দিন গৃহবন্দি হয়ে থাকতে হয় ।এই মহামারী  শুনছি ছোঁয়াছুঁয়ি করলেও সেও করোনা ভাইরাস আক্রান্ত হতে পারে। এবং এর প্রথম লক্ষণ হল জ্বর শুকনো কাশি গলা ব্যথা শ্বাসকষ্ট এই ভাইরাস আক্রান্ত ব্যক্তিদের মধ্যে লক্ষ্য করা যায়। এরমধ্যে সর...

विश्व साहित्य संस्थान , क्रमांक :- 8

Image
आज की रचनाएं , मंगलवार , 21/07/2020 विश्व साहित्य संस्थान, क्रमांक :- 8       "प्यार" यह तो दर्शन का विषय है प्रदर्शन का नही प्रेम मीरा,कबीर,ग़ालिब, फरहान ने की, किसी ने सरेआम इसे नीलाम न होने दी। प्रेम तो पूजा है,वन्दन है,अभिनंदन है प्रेम हर दीवाने के माथे का चन्दन है प्रेम कलम है,दवात है,स्याही है प्रेम परमात्मा की साक्षात् गवाही है। प्रेम साधना है,जिंदगी का हवन है, प्रेम मंदिर सा पवित्र भवन है। प्रेम के नाम पे गले मिलते है सैकड़ों से पर प्रेम करते नही कभी अपनों से। प्रेम को बाजार का माल बना दिया, फुट -पाथ पर लाकर इसे खड़ा किया। कुछ तो शर्म करो नादानों, प्रेम के मोल को कभी तो जानो। गर प्रेम को सरेआम तुम बेच ही दोगे, तो अपने लिए क्या खाक रखोगे?      ★प्रवीण झा ------------------------------------------------------------------------ ------------------------------------------------------------------------ बात- बात पर लड़ैत एलहुँ कहियो नहि हम भेलहुँ एक जाति-पाति मे बंटि गेलहुँ संस्कारकेँ देलहुँ कतओ फेक जपैत छी हर- हर...

विश्व साहित्य संस्थान , क्रमांक :- 7

Image
         West Bengal Council of Higher Secondary  Education (WBCHSE) बारहवीं कक्षा विज्ञान विभाग से 78 प्रतिशत प्राप्त करते हुए, हिन्दी में 83 अंक लाया मेरा छात्र सह दोस्त आदरणीय धर्मेंद्र साह जिसे हिन्दी हम निःशुल्क पढ़ाये रहे , हम इनके उज्जवल भविष्य की कामना करते है । Roll :- 421011   No :- 1018 Registration no :- 4181186422 Name :-  DHARMENDRA SAH HINA 064/A+ 019/O 083A+ 096.72 ENGB 042/B 018/O  060B+ 074.54 CHEM056/A+ 027/O  083A+ 039.16 MATH063/A 018/O  081A+ 081.90 PHYS056/A+ 027/O  083A+ 037.50 Total -  390 Over All Grade -  A रोशन कुमार झा , जिला उप मीडिया प्रभारी, मधुबनी                 मो :- 6290640716                 बिहार युवा विकास मंच विश्व साहित्य संस्थान , कविता :-16(95) 17/07/2020            शुक्रवार  ...

विश्व साहित्य संस्थान, क्रमांक :- 6

Image
नमन 🙏 :- विश्व साहित्य संस्थान, क्रमांक :- 6 दिनांक :- 25/06/2020 , दिवस :- वृहस्पतिवार विश्व साहित्य संस्थान , ई - पुस्तिका ,जून अंक :-1,  2020 प्रकाशित :- विश्व साहित्य संस्थान https://online.fliphtml5.com/szppo/gfsn / https://online.fliphtml5.com/szppo/gfsn/#p=5 ------------------------------------------------------------------ नमन 🙏 :- विश्व साहित्य संस्थान दिनाक :- 25/06/2020 दिवस :- गरूवार विधा :- काव्य भाषा :- हिन्दी ___________________________ "जिन्दगी" जिन्दगी न तो अच्छी है और न ही बुरी.. जिन्दगी तो बस जिन्दगी है ये आप पर निर्भर करता है आप उसे, कैसे जीते है? आप जिन्दगी पर कुछ भी आरोप नहीं लगा सकते! क्यों? क्योकि आप जिन्दगी को जीते है; जिन्दगी आपको नहीं... यदि आप को लगता है कि, जिन्दगी गलत राह पर चल रही है तो गलत जिन्दगी नहीं; गलत आप हो! जरूरत इस बात की नहीं कि, जिन्दगी बदले यदि बदलने की जरूरत है तो वह है आपको! आप कोशिश कर के तो देखे कुछ कठिन नहीं है.. हॉ बस थोड़ा समय लगेगा कुछ समय दे कर तो देखो जिन्दगी को परिणाम कुछ अच्छा ही हो...